Login
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
सिरà¥à¤« 21 दिन कंटà¥à¤°à¥‹à¤² होगा कोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤², ये 5 काम करेंगे तो होगा फायदा
Cholesterol Control Tips: आप मातà¥à¤° 21 दिन में à¤à¥€ Cholesterol सà¥à¤¤à¤° को आंशिक रूप से कम कर सकते हैं
Cholesterol Control Tips । किसी à¤à¥€ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के शरीर में जब Cholesterol बढ़ने लगता है कि कई तरह की अनà¥à¤¯ बीमारियों में शरीर को बीमार करने लगती है। यदि समय रहते कोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤² को कंटà¥à¤°à¥‹à¤² कर लिया जाठतो हारà¥à¤Ÿ अटैक, बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° सहित कई अनà¥à¤¯ बीमारियों को काबू में किया जा सकता है। अकà¥à¤¸à¤° हमने सà¥à¤¨à¤¾ है कि यदि किसी काम को लगातार 21 दिन कर लिया जाठतो हमें उसकी आदत पड़ जाती है। हम यहां आपको कà¥à¤› à¤à¤¸à¥‡ ही टिपà¥à¤¸ बता रहे हैं, जिससे आप मातà¥à¤° 21 दिन में à¤à¥€ Cholesterol सà¥à¤¤à¤° को आंशिक रूप से कम कर सकते हैं और यदि इसे लंबे समय तक जारी रखा जाठतो काफी सकारातà¥à¤®à¤• परिणाम देखने को मिलेंगे।
Cholesterol Control Fruits : रोज जरूर खाà¤à¤‚ ये पांच फल
Cholesterol कम करने में फलों की अहम à¤à¥‚मिका होती है। यदि फलों को नियमित रूप से डाइट में शामिल किया जाठतो Cholesterol लेवल को कंटà¥à¤°à¥‹à¤² किया जा सकता है। हम यहां आपको 5 फलों के बारे में बता रहे हैं, जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ यदि 21 दिन तक अपनी डाइट में शामिल किया जाठतो शरीर तेजी से डीटॉकà¥à¤¸ होगा और Cholesterol का सà¥à¤¤à¤° कम होगा -
सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤¬à¥‡à¤°à¥€ - Cholesterol लेवल को कम करने में सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤¬à¥‡à¤°à¥€ सहायक होती है। इसमें काफी मातà¥à¤°à¤¾ में à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚ट होते हैं।
सेब - Cholesterol कम करने में सेब à¤à¥€ काफी मददगार होता है। सेब में पेकà¥à¤Ÿà¤¿à¤¨ मौजूद होता है, जो à¤à¤• फाइबर है। यह शरीर में तेजी से Cholesterol लेवल को कम करता है।
खटà¥à¤Ÿà¥‡ फल - खटà¥à¤Ÿà¥‡ फल जैसे नींबू, संतरा जैसे फलों का सेवन जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ करना चाहिà¤à¥¤ विटामिन सी से à¤à¤°à¤ªà¥‚र खाना इमà¥à¤¯à¥‚निटी बढ़ाता है, वहीं Cholesterol à¤à¥€ कम करता है।
à¤à¤µà¥‹à¤•ाडो - यह à¤à¤¸à¤¾ फल है, जो शरीर में तेजी से कोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤² को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ करता है। à¤à¤µà¥‹à¤•ाडो आसानी से मिलता नहीं है, लेकिन यदि इसका रोज सेवन करते हैं तो Cholesterol लेवल तेजी से नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ किया जा सकता है।
अंगूर - अंगूर को डाइट में शामिल करना à¤à¥€ काफी फायदेमंद है। अंगूर कोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤² लेवल को कंटà¥à¤°à¥‹à¤² करने में मददगार है। अंगूर खाने से वजन à¤à¥€ नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ होता है।
High Cholesterol कम करेंगे ये 5 योगासन
आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ में कहा गया है कि हमारी शरीर जितना जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ लचीला रहेगा, बीमारियां शरीर से हमेशा दूर रहेगी। Cholesterol का बढ़ा हà¥à¤† लेवल शरीर की मांसपेशियों में तनाव लाने के साथ-साथ रकà¥à¤¤ पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ को à¤à¥€ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करता है। शरीर को लचीला बनाने में योगासन पà¥à¤°à¤®à¥à¤– à¤à¥‚मिका निà¤à¤¾à¤¤à¥‡ हैं। यदि आप à¤à¥€ High Cholesterol की समसà¥à¤¯à¤¾ से परेशान हैं तो रोज पांच फलों के सेवन के साथ-साथ ये पांच योगासन à¤à¥€ रोज करेंगे तो 21 दिन में आपको आंशिक असर देखने को मिल जाà¤à¤—ा। साथ ही यदि आप इसे नियमित करते हैं तो जलà¥à¤¦ ही Cholesterol लेवन संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ हो जाà¤à¤—ा। जानिठकौन से 5 योगासान कम करते हैं Cholesterol लेवल -
उतà¥à¤¤à¤¾à¤¨à¤ªà¤¾à¤¦à¤¾à¤¸à¤¨: यह आसन पेट की मांसपेशियों को मजबूत करता है और पाचन तंतà¥à¤°, पीठके निचले à¤à¤¾à¤—, हिपà¥à¤¸ और जांघों से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं में बहà¥à¤¤ ही लाà¤à¤¦à¤¾à¤¯à¤• है। यदि पाचन सही रहता है तो à¤à¥€ Cholesterol तेजी से कम होने लगता है। उतà¥à¤¤à¤¾à¤¨à¤ªà¤¾à¤¦à¤¾à¤¸à¤¨ करने से लिठपीठके बल लेट जाà¤à¤‚। हाथों को सिर के पीछे या हिपà¥à¤¸ के नीचे रख लें। इसके बाद सांस à¤à¤°à¤¤à¥‡ हà¥à¤ दोनों पैरों को ऊपर उठाà¤à¤‚। 3 से पांच सेकेंड रà¥à¤•े। फिर सांस छोड़ते हà¥à¤ पैरों को नीचे लेकर आà¤à¤‚। इस अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ को शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ में कम करें, लेकिन धीरे-धीरे बढ़ाते हà¥à¤ 8 से 10 बार करें।
शलà¤à¤¾à¤¸à¤¨: शलà¤à¤¾à¤¸à¤¨ करने से à¤à¥€ Cholesterol कम होता है। इस आसन को करने से लीवर और पेट के अंग मजबूत होते हैं। आमाशय और आंत की बीमारियां à¤à¥€ दूर होती है। इस आसन को करने के लिठपेट के बल लेट जाà¤à¤‚। हाथों को अपनी कमर के पास रखें। सांस à¤à¤°à¤¤à¥‡ हà¥à¤ शरीर के ऊपरी और निचले हिसà¥à¤¸à¥‡ को उठाने की कोशिश करें। जब शरीर हवा में रहेगा, तब सांस रोक कर रखें, फिर जब वापस आठतो सांस धीरे-धीरे छोड़ें। इस अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ को à¤à¥€ 8 से 10 बार जरूर करें।
पशà¥à¤šà¤¿à¤®à¥‹à¤¤à¥à¤¤à¤¾à¤¨à¤¾à¤¸à¤¨: पशà¥à¤šà¤¿à¤®à¥‹à¤¤à¥à¤¤à¤¾à¤¨à¤¾à¤¸à¤¨ आसन लीवर और किडनी को à¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µ करने का काम करता है। साथ ही इससे मोटापा à¤à¥€ कम होता है। अंदरूनी अंगों पर जमे फैट से à¤à¥€ छà¥à¤Ÿà¤•ारा दिलाता है। Cholesterol को कम करने से यह आसन रामबाण औषधि से समान है। इस आसन को करने के लिठसांस à¤à¤°à¤¤à¥‡ हà¥à¤ हाथों को ऊपर ले जाà¤à¤‚ और सांस छोड़ते हà¥à¤ सामने की ओर à¤à¥à¤•ें। अपने हाथों को सामने मैट पर रखें या पैर के पंजों को पकड़ने की कोशिश करें। कà¥à¤› ही इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में रहने के बाद फिर वापस पहले की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में आ जाà¤à¥¤ इस आसन को à¤à¥€ रोज 8 से 10 बार करना चाहिà¤à¥¤
अरà¥à¤§ मतà¥à¤¸à¥à¤¯à¥‡à¤‚दà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¨: अरà¥à¤§ मतà¥à¤¸à¥à¤¯à¥‡à¤¨à¥à¤¦à¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¨ à¤à¥€ खून में कोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤² की मातà¥à¤°à¤¾ को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ करता है। पेट के अंगों की मालिश करता है। शिथिल पड़े हà¥à¤ अंग फिर से सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ हो जाते हैं। कोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤² कम करने के साथ डायबिटीज मरीजों के लिठà¤à¥€ यह आसन काफी फायदेमंद है। इस योगासन को करने के लिठपैरों को सीधा करके बैठजाà¤à¤‚ और फिर किसी à¤à¤• पैर को मोड़कर, जो पैर सीधा है उसके जांघों के पास टिका लें। अब जो पैर ऊपर है उसके विपरीत हाथों को घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‡ के पास ले जाà¤à¤‚। इस आसन को à¤à¥€ 8 से 10 बार करना चाहिà¤à¥¤ शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ में यह आसन जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ न करें।
जानॠसिरासन: Cholesterol कम करने में जानॠसिरासन à¤à¥€ काफी फायदेमंद होता है। यह आसन किडनी को सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रखने में काफी सहायक होता है। यदि शरीर के अंदरूनी अंगों पर वसा या Cholesterol जमा हो जाता है तो इस आसन को करने से फायदा मिलता है। इस आसन को करने के लिठà¤à¤• पैर को सीधा रखें और दूसरे को मोड़ लें। सांस à¤à¤°à¤¤à¥‡ हà¥à¤ हाथों को ऊपर लेकर जाà¤à¤‚ और सांस छोड़ते हà¥à¤ आगे की तरफ à¤à¥à¤•े जाà¤à¤‚। 10 सेकेंड रà¥à¤•े रहने के बाद फिर से पूरà¥à¤µ की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में आ जाà¤à¥¤ इस आसन को à¤à¥€ 8 से 10 बार करना चाहिà¤à¥¤
गà¥à¤¡ कोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤² बनता है विटामिन व हारà¥à¤®à¥‹à¤¨, बेड कोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤² से दिखते हैं ये संकेत
- हमारा शरीर में गà¥à¤¡ कोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤² से ही विटामिन और हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ का निरà¥à¤®à¤¾à¤£ करता है। यदि शरीर में अचà¥à¤›à¤¾ कोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤² कम हो और खराब कोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤² बढ़ जाठतो शरीर में रकà¥à¤¤ का पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ बाधित होने लगता है। आज हम शरीर के कà¥à¤› à¤à¤¸à¥‡ लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ के बारे में बता रहे हैं, जो कोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤² बढ़ने पर तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर दिखाई देते हैं।
- शरीर में बेड कोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤² बढ़ता है, इसलिठतà¥à¤µà¤šà¤¾ पर निशान देखे जा सकते हैं। तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर नारंगी, पीले रंग के निशान दिखने लगते हैं। साथ ही अगर आपको हाथ, पैर या तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर किसी अनà¥à¤¯ जगह पर निशान दिखें तो इसे हलà¥à¤•े में न लें। à¤à¤¸à¥‡ में हृदय रोग होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ रहती है।
- यदि आंखों के ऊपर पीले रंग के दाने या पपड़ी हो तो इस लकà¥à¤·à¤£ को बिलà¥à¤•à¥à¤² à¤à¥€ नजरअंदाज नहीं करना चाहिà¤à¥¤ यह शरीर में बढ़े हà¥à¤ कोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤² के कारण à¤à¥€ हो सकता है। जब रकà¥à¤¤ में वसा की मातà¥à¤°à¤¾ बढ़ जाती है, तो आंखों के ऊपर पीले रंग के चकतà¥à¤¤à¥‡ à¤à¥€ मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ का संकेत हो सकते हैं।
- न केवल तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर बलà¥à¤•ि पलकों पर à¤à¥€ कोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤² बढ़ने के लकà¥à¤·à¤£ दिखाई देते हैं, जब पलकों पर पीले रंग का विकास होता है, तो संà¤à¤µ है कि शरीर में खराब कोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤² का सà¥à¤¤à¤° बढ़ रहा हो। पलकों पर पीलापन लिठहà¥à¤ à¤à¥‚रे रंग का होना उचà¥à¤š खराब कोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤² का संकेत देता है।
हाथ और पैर की तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर दरà¥à¤¦
- रकà¥à¤¤ में कोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤² का सà¥à¤¤à¤° बढ़ता है, हाथों और पैरों की तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर à¤à¥à¤¨à¤à¥à¤¨à¥€ महसूस होने लगती है। हाथों और पैरों की तà¥à¤µà¤šà¤¾ में असà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿà¥€à¤•ृत दरà¥à¤¦ बढ़े हà¥à¤ कोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤² का संकेत हो सकता है।
कोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤² बढ़ने से हो सकती है ये बीमारियां
हृदय रोग, मधà¥à¤®à¥‡à¤¹, गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ की बीमारी, पीसीओà¤à¤¸, सà¥à¤µ-पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ रोग, सोरायसिस
सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ शरीर में कितना कोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤² होता है?
à¤à¤• सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के रकà¥à¤¤ में कà¥à¤² 140 मिलीगà¥à¤°à¤¾à¤® कोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤² होता है। इसमें 70 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ कोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤² हमें खाने से मिलता है। शेष 30 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ कोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤² शरीर की कोशिकाओं और यकृत में बनता है। à¤à¤• सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ का लीवर पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¤¿à¤¨ लगà¤à¤— 100 मिलीगà¥à¤°à¤¾à¤® कोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤² का उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ करता है।
कोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤² का सà¥à¤¤à¤° बढ़ने पर खतरनाक
उचà¥à¤š कोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤² हृदय धमनियों में à¤à¤¥à¥‡à¤°à¥‹à¤¸à¥à¤•à¥à¤²à¥‡à¤°à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ (धमनियों का सखà¥à¤¤ होना) नामक विकार का कारण बनता है। शरीर में बढ़ा हà¥à¤† कोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤² धीरे-धीरे धमनियों में जमा होने लगता है। जमा à¤à¤• थकà¥à¤•ा बन जाता है। जब यह थकà¥à¤•ा बढ़ जाता है और रकà¥à¤¤ पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ में बाधा डालता है, तो हृदय को पूरे शरीर में रकà¥à¤¤ पंप करने के लिठअधिक मेहनत करनी पड़ती है। हृदय की बड़ी धमनी में रकà¥à¤¤ संचार रà¥à¤• जाने से छाती में तेज दरà¥à¤¦ होता है। यह दिल के दौरे का पहला संकेत है। कोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤² बढ़ने के कारण रकà¥à¤¤ में थकà¥à¤•े बनने की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ शà¥à¤°à¥‚ हो जाती है। इन थकà¥à¤•ों के कारण दिल का दौरा पड़ता है जब धमनी में रकà¥à¤¤ का पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ अवरà¥à¤¦à¥à¤§ हो जाता है। मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• की नसों में इस थकà¥à¤•े के कारण बà¥à¤°à¥‡à¤¨ हेमरेज के कारण मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• की नसें फट जाती हैं। मरीज को बचाना बहà¥à¤¤ मà¥à¤¶à¥à¤•िल हो जाता है। कोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤² की अधिकता से गॉलबà¥à¤²à¥ˆà¤¡à¤° में पथरी बनने लगती है। इससे अपच की शिकायत होती है। कोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤² बढ़ने से चेहरे पर à¤à¥à¤°à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ पड़ने लगती हैं। थकान महसूस कर रहा हूà¤à¥¤ उनके चेहरे पर बà¥à¤¢à¤¼à¤¾à¤ªà¤¾ साफ नजर आ रहा है।
हृदय रोग का अधिक जोखिम किसे है
1. जो à¤à¤• जगह काम करते हैं
2. कम चलता है और किसी à¤à¥€ पà¥à¤°à¤•ार का परिशà¥à¤°à¤®, वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® नहीं करता
3. मोटे लोग
4. मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ और उचà¥à¤š रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª के रोगी
5. तेल, घी, पनीर, मकà¥à¤–न जैसे खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ का अधिक सेवन करने वालों में कोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤² का सà¥à¤¤à¤° बढ़ जाता है।
शरीर में à¤à¤¸à¥‡ कम करें बेड कोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤² का लेवल
हम जितना खाते हैं उससे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ कोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤² की मातà¥à¤°à¤¾ होती है, इसलिठकोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤² कम करने वाला पहला à¤à¥‹à¤œà¤¨ वसा की मातà¥à¤°à¤¾ को कम करता है। आहार में संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ में पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨, कारà¥à¤¬à¥‹à¤¹à¤¾à¤‡à¤¡à¥à¤°à¥‡à¤Ÿ और वसा का सेवन करें। मूंगफली, सरसों, सोयाबीन, तिल, सूरजमà¥à¤–ी आदि तेलों का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— करें। नारियल तेल, डालडा आदि खाने से बचें। दूध में से मलाई निकाल कर उसका सेवन करें। à¤à¤• अंडे की जरà¥à¤¦à¥€ में लगà¤à¤— 275 मिलीगà¥à¤°à¤¾à¤® कोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤² होता है। मानसिक तनाव से बचें।
कोलेसà¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤² जलà¥à¤¦ खतà¥à¤® करता है तिल का बीज
सरà¥à¤¦à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में गà¥à¤¡à¤¼ के साथ तिल का सà¥à¤µà¤¾à¤¦ काफी पसंद किया जाता है, इसलिठसरà¥à¤¦à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में तिल से बनी मिठाइयां खूब खाई जाती हैं। तिल में मोनो अनसैचà¥à¤°à¥‡à¤Ÿà¥‡à¤¡ फैटी à¤à¤¸à¤¿à¤¡ होता है, जो शरीर से कोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤² को कम करने के लिठजाना जाता है। तिल में पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨, मैंगनीज, विटामिन ई और फाइबर जैसे पोषक ततà¥à¤µ à¤à¥€ काफी अचà¥à¤›à¥€ मातà¥à¤°à¤¾ में पाठजाते हैं, जो हृदय, तनाव और मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं से निजात दिलाने में कारगर है। इसके अलावा तिल फेफड़ों के कैंसर, कोलन कैंसर, बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ कैंसर के खतरे को कम करने में à¤à¥€ फायदेमंद साबित होता है। इन सà¤à¥€ सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ लाà¤à¥‹à¤‚ के कारण ही चीनी चिकितà¥à¤¸à¤¾ से लेकर आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ तक हर जगह तिल की चरà¥à¤šà¤¾ होती है। नà¥à¤¯à¥‚टà¥à¤°à¥€à¤¶à¤¨ रिसरà¥à¤š में पà¥à¤°à¤•ाशित हà¥à¤ कà¥à¤› शोध में दावा किया गया है कि तिल खराब कोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤² और उचà¥à¤š टà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤—à¥à¤²à¤¿à¤¸à¤°à¤¾à¤‡à¤¡ के सà¥à¤¤à¤° को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ करने में सहायक होते हैं।
| --------------------------- | --------------------------- |